Report by : Dr. Ravindra Rana
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jangethi

मेरठ। खेती की लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और कृषि उत्पादन को टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान (ICAR-IIFSR), मोदीपुरम की ओर से किसानों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 29 अक्टूबर 2026 को मेरठ जिले के रोहटा विकासखंड के जंगेठी गांव में ‘खेत बचाओ अभियान (रबी-2026)’ के तहत किसान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। संस्थान के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने और अनुसंधान को खेतों में उपयोगी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चल रहा है अभियान

केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देश पर देशभर में 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 22 अक्टूबर को हरियाणा के करनाल से इस अभियान की शुरुआत की थी।

अभियान के तहत गांवों में किसान सम्मेलन, किसान चौपाल, प्रशिक्षण कार्यक्रम और खेतों में तकनीकी प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, ताकि किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार वैज्ञानिक सलाह मिल सके।

मिट्टी की उर्वरता और संतुलित खाद के इस्तेमाल पर जोर

कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना है। लगातार असंतुलित मात्रा में रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से कृषि भूमि की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में किसानों को मिट्टी की जरूरत और फसल की आवश्यकता के अनुसार खाद एवं उर्वरकों का इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक करना अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के उपयोग, कृषि संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की आवश्यकता समझाने पर जोर दिया जा रहा है।

रबी की फसलों के बेहतर प्रबंधन की जानकारी

रबी के मौसम को देखते हुए किसानों के लिए गेहूं, सरसों और अन्य फसलों का वैज्ञानिक प्रबंधन भी महत्वपूर्ण है। अभियान के व्यापक उद्देश्यों में उन्नत बीजों का चयन, फसल की समय पर देखभाल, कीट एवं रोगों की पहचान और संतुलित पोषण प्रबंधन शामिल हैं।

इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और कृषि अवशेषों के बेहतर प्रबंधन जैसी पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

किसानों की लागत घटाने और टिकाऊ खेती की पहल

खेत बचाओ अभियान का उद्देश्य केवल फसल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि खेती को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखना भी है। मिट्टी और पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, जरूरत के अनुसार कृषि आदानों का इस्तेमाल और वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाना इसके प्रमुख लक्ष्य हैं।

मेरठ के जंगेठी गांव में आयोजित कार्यक्रम इसी व्यापक अभियान का हिस्सा है। ICAR-IIFSR, मोदीपुरम की यह पहल कृषि अनुसंधान और किसान समुदाय के बीच संपर्क मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

खेती की बदलती चुनौतियों के बीच ऐसे कार्यक्रम किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देने और कृषि भूमि की सेहत बनाए रखने के लिए जागरूक करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।