गाजियाबाद के लोनी में समाजवादी पार्टी की ओर से आयोजित ‘उम्मीद की साइकिल’ कार्यक्रम को लेकर विवाद सामने आया है। यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाली करीब एक हजार छात्राओं को साइकिल वितरित करने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। हालांकि, 24 अक्टूबर की देर रात प्रशासनिक टीम ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर टेंट, पंडाल और मंच हटवा दिया। इसके बाद कार्यक्रम नहीं हो सका।

गढ़ी कट्टैया गांव में होना था कार्यक्रम
लोनी विधानसभा क्षेत्र के गढ़ी कट्टैया गांव में सपा नेता अनुज प्रधान ने ‘उम्मीद की साइकिल’ नाम से इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। अनुज प्रधान के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतमंद छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पहल की गई थी। इसके लिए क्षेत्र की छात्राओं के दस्तावेज एकत्र कर करीब एक हजार छात्राओं की सूची तैयार की गई थी और साइकिलें मंगाई गई थीं। अनुज प्रधान के मुताबिक कार्यक्रम में कैराना से सपा सांसद इकरा हसन को मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना था।
देर रात पहुंची पुलिस और नगर पालिका की टीम
जानकारी के मुताबिक, 24 अक्टूबर की देर रात पुलिस और लोनी नगर पालिका की टीम कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। जेसीबी की मदद से वहां लगाए गए टेंट, पंडाल और मंच को हटा दिया गया। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी और सरकारी जमीन पर बिना अनुमति निर्माण किया गया था।
इसी मामले में नगर पालिका ने आयोजकों पर 10 लाख 86 हजार 930 रुपये का जुर्माना लगाए जाने की बात कही है। अनुज के मुताबिक पुलिस ने उसे कुछ घंटों के लिए हिरासत में रखा था।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे छात्राएं और परिजन
कई छात्राएं और उनके परिजन साइकिल लेने की उम्मीद में मौके पर पहुंचे, लेकिन कार्यक्रम नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। प्रशासन की कार्रवाई के बाद कार्यक्रम स्थल खाली करा दिया गया।
अनुमति को लेकर अलग-अलग दावे
इस मामले में प्रशासन की ओर से अनुमति और सरकारी जमीन पर निर्माण के नियमों का हवाला दिया गया है, जबकि अनुज प्रधान ने कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए अपने पास अनुमति होने का दावा किया है। सपा नेता अनुज प्रधान ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए और स्थानीय भाजपा विधायक पर निशाना साधा। उनका दावा है कि कार्यक्रम के लिए उनके पास अनुमति थी। अनुज प्रधान ने कहा कि छात्राओं को साइकिल वितरित करने की योजना रद्द नहीं की जाएगी। उनके मुताबिक, जरूरत पड़ने पर छात्राओं के घर जाकर साइकिलें वितरित की जाएंगी। हालांकि, उनके आरोपों पर विधायक का पक्ष यहां उपलब्ध नहीं है। दोनों पक्षों के दावों के बीच अब यह सवाल है कि सूची में शामिल छात्राओं को साइकिलें कब और किस तरह वितरित की जाएंगी।

