Report by : Dr. Ravindra Rana
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INDIA Bloc Rally Delhi

नई दिल्ली। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आज INDIA ब्लॉक के नेताओं ने ‘चलो दिल्ली’ और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ बड़ी महारैली और मार्च का आयोजन किया। इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और INDIA गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया।

रैली का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोप रहे। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव और वोट काटे जाने की प्रक्रिया लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित कर सकती है।

विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। रैली में नेताओं ने इसे केवल राजनीतिक दलों की लड़ाई नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा का सवाल बताया।

रैली का मार्च कहां से शुरू हुआ

रैली के लिए विपक्षी दलों के नेता पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एकत्र हुए। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, फारूक अब्दुल्ला, तेजस्वी यादव, महबूबा मुफ्ती और अन्य नेता खुले वाहन में सवार होकर मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन पहुंचे।

यहां से नेताओं ने समर्थकों के साथ रामलीला मैदान तक मार्च किया। पूरे रास्ते कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा, पार्टी के झंडे और वोट बचाने से जुड़े पोस्टर लेकर चल रहे थे। रामलीला मैदान में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी, वामपंथी दलों और अन्य विपक्षी संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

नेताओं के भाषण और बड़े बयान

राहुल गांधी: वोट चोरी देशद्रोह, ज्ञानेश कुमार के बिना मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनते

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लिया।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में लंबे समय से चुनावों में वोट चोरी हो रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक का जिक्र करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

राहुल गांधी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची से 13.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए। उन्होंने इसे कुल मतदाताओं का लगभग 15 प्रतिशत बताते हुए चुनाव आयोग के आंकड़ों का हवाला दिया। यह राहुल गांधी का रैली में किया गया दावा है, इसे स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह सामान्य चोरी नहीं है, बल्कि देश के हर नागरिक की आवाज चुराने जैसा है। राहुल ने इसे देशद्रोह और दुर्लभतम मामलों में से एक बताया।

उनका सबसे तीखा बयान मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर रहा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार के बिना नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री और अमित शाह गृह मंत्री नहीं बन पाते। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने किए का जवाब देना होगा और उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल या नेता का आंदोलन नहीं है, बल्कि देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष नफरत की राजनीति नहीं, बल्कि देश में प्रेम और भाईचारा वापस लाना चाहता है।

कनॉट प्लेस में दुकानों के बंद होने को लेकर भी राहुल गांधी ने भाजपा पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रैली में आने वाले लोगों से स्थानीय व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए खरीदारी करने की अपील की गई थी, लेकिन वहां पहुंचने पर दुकानें बंद मिलीं। उन्होंने व्यापारियों के नुकसान के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया।

अखिलेश यादव: यूपी में 2027 में भाजपा की विदाई तय

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने भाषण में भाजपा और उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर तीखा हमला बोला।

अखिलेश यादव ने कहा कि जब भाजपा को लोकतांत्रिक तरीके से जीत नहीं मिलती तो वह चुनाव आयोग को हथियार बनाती है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनाव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां चुनाव से पहले SIR के जरिए लोगों के वोट काटे गए।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के 2022 विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि उस समय भी वोट चोरी के जरिए भाजपा सत्ता में आई थी।

अखिलेश ने पीलीभीत में मतदाताओं के आंकड़ों में कथित हेराफेरी और उत्तर प्रदेश के उपचुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के लोगों को भी अब अपने वोट कटने की चिंता सताने लगी है। अखिलेश ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में करीब 1.27 करोड़ हिंदू मतदाताओं के नाम काटे जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में लगभग 31 हजार वोट कम होने की बात कही जा रही है।

अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग कभी उत्तर प्रदेश आए थे, उन्हें उत्तर प्रदेश से ही विदाई दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि यूपी के लोग स्वागत करना भी जानते हैं और विदाई देना भी। वर्ष 2027 में भाजपा और उसके सहयोगियों की ऐसी विदाई होगी कि वे दोबारा लौट नहीं पाएंगे।

काशी की जनता का जिक्र करते हुए उन्होंने डबल इंजन सरकार पर तंज कसा और कहा कि जनता ने उन्हें डबल जीरो दिया है।

रामलीला मैदान को लोकतंत्र की हल्दीघाटी बताते हुए अखिलेश ने कहा कि यहां उमड़ा जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि परिवर्तन कभी भी आ सकता है।

अपने भाषण के अंत में उन्होंने वोट चोरी, चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर भाजपा पर हमला किया।

मल्लिकार्जुन खड़गे: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक संघर्ष जारी रहेगा

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित करने का आरोप लगाया।

खड़गे ने कहा कि महिलाओं, युवाओं और दलितों के वोट छीनने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी राजनीतिक जरूरत के हिसाब से मतदाता चुनना चाहती है।

खड़गे ने कहा कि मतदाता जनता चुनती है, लेकिन भाजपा की मंशा ऐसी है कि वह खुद तय करना चाहती है कि कौन मतदाता होगा।

उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद से नहीं हटते, विपक्ष का संघर्ष जारी रहेगा।

खड़गे ने अपने भाषण में बेहद आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो उन्हें जमीन से खोदकर निकालेंगे। यह बयान मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उनके राजनीतिक विरोध की तीव्रता को दर्शाता है।

ममता बनर्जी: SIR के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध जताया।

ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसते हुए सवाल किया, ‘ज्ञानेश, कब गायब होगे।’

उन्होंने संकेत दिया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। बंगाल में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर तृणमूल कांग्रेस की आपत्तियां इस रैली का प्रमुख राजनीतिक मुद्दा रहीं।

तेजस्वी यादव: वोट की गड़बड़ी को महाभारत से जोड़ा

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने भी रैली को संबोधित किया। उन्होंने वोट से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की तुलना महाभारत के प्रसंगों से करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का मुद्दा उठाया।

तेजस्वी ने विपक्षी एकजुटता के जरिए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की जरूरत पर जोर दिया।

कपिल सिब्बल: भाजपा के राजनीतिक भविष्य के अंत की शुरुआत

वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी रैली में अपनी बात रखी। उन्होंने इस आंदोलन को भाजपा के राजनीतिक भविष्य के अंत की शुरुआत बताया।

उन्होंने भाजपा के पुराने राजनीतिक इतिहास और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उनके बयान का केंद्रीय विषय चुनावी पारदर्शिता और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवाल रहे।

7. अवधेश प्रसाद: बाबा साहेब के दिए वोट के अधिकार को बचाने की लड़ाई

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह रैली किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि देश में लोकतंत्र बचाने और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए वोट के अधिकार की रक्षा के लिए आयोजित की गई है।

उन्होंने इसे ऐतिहासिक रैली बताते हुए कहा कि इसके दूरगामी परिणाम होंगे।

8. अन्य विपक्षी नेताओं की मौजूदगी

रैली और मार्च में विपक्ष के कई अन्य प्रमुख चेहरे भी शामिल हुए। इनमें प्रमुख रूप से:

  • सोनिया गांधी, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष
  • प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस महासचिव
  • फारूक अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस
  • महबूबा मुफ्ती, पीडीपी
  • अभिषेक बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस
  • डी राजा, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
  • एमए बेबी, माकपा
  • दीपांकर भट्टाचार्य, भाकपा माले
  • सुप्रिया सुले, एनसीपी (शरदचंद्र पवार)
  • केसी वेणुगोपाल, कांग्रेस
  • रेवंत रेड्डी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री
  • हेमंत सोरेन, झारखंड के मुख्यमंत्री
  • मनोज झा, राजद

इन नेताओं की मौजूदगी ने INDIA गठबंधन की एकजुटता का राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। हालांकि, सभी नेताओं के व्यक्तिगत भाषणों का पूरा और प्रमाणित विवरण उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है। इसलिए उनके नाम के साथ कोई अपुष्ट बयान जोड़ना उचित नहीं होगा।

INDIA ब्लॉक की प्रमुख मांगें क्या रहीं

रैली में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं।

  1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
  2. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
  3. कथित तौर पर हटाए गए योग्य मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़े जाएं।
  4. मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए।
  5. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून में बदलाव किया जाए।
  6. बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर विचार किया जाए।
  7. चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच हो।

ये मांगें विपक्ष की ओर से रखी गई हैं।